passive income in hindi | पैसिव इनकम क्या है

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passive income in hindi


active income and passive income in hindi :- दोस्तों में हूं  शमीम अहमद और आज के इस पोस्ट में हम समझने की कोशिश करेंगे कि एक्टिव  इनकम और पैसिव इनकम के बारे में, तो चलिए पहले यह समझते हैं कि एक्टिव इनकम और passive income किसे कहते हैं फिर इसी लेख में आगे एक कहानी के माध्यम से एक्टिव  इनकम और  या पैसिव इनकम के बारे में जानेंगे ।


Active Income:- जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है- (Active Income) यानि जिस इनकम को प्राप्त करने के लिए हमें सक्रिय (Actively) रूप से काम करना पड़ता है, वह इनकम एक्टिव इनकम होता है।

जैसे कि नौकरी या जॉब से मिलने वाला वेतन (तनख्वाह, Salary) नौकरी, जॉब में वेतन पाने के लिए सक्रिय रूप से काम करना ही करना होगा, अगर आप किसी कारणवश जॉब में एक महीना काम नहीं कर पाए तो आपको उस एक महीने का वेतन (तनख्वाह, Salary) नहीं मिलता है। यानि कि काम बंद तो दाम भी बंद इसी को एक्टिव इनकम कहते हैं।

Passive Income:- पैसिव इनकम वह होता है जिसके लिए आपको सक्रिय यानि (एक्टिव) रूप से काम नहीं करना पड़ता है।

जैसे कि एक सफ़ल यूट्यूबर जिसने यूट्यूब पर अपना चैनल बनाया और फिर 1 हज़ार सब्सक्राइब और 4 हज़ार घंटा वाच टाइम पूरा होने के बाद अपने यूट्यूब चैनल को (Monetize) कर दिया और Google AdSense का Advertisement (प्रचार) लगा लिया अब जितने लोग उनके विडियोज़ देखेंगे तो विडियोज़ के बीच-बीच में गूगल एडसेंस का एडवर्टाइज़ यानि प्रचार आता रहेगा, अब जितना ज़्यादा वाचिंग होगा जितने एडवर्टाइजमेंट दिखेंगे उसी से यूट्यूबर की इनकम होती रहेगी। यह पैसिव इनकम है।

और भी काफ़ी एग्जाम्पल हैं जैसे कि आपने कोई रुम (कमरा) ख़रीदा और रेंट (भाड़े) पर दे दिया किरायेदार उसमें रह रहा है, और आपको बैठे बिठाए पैसा आ रहा है। यह भी पैसिव इनकम है।

पैसिव इनकम में फ़ायदा यह है कि काम बंद फिर भी दाम मिलता रहता है। 

अब आइए एक कहानी के माध्यम से एक्टिव इनकम और passive income को समझते हैं।


"एक बार की बात है। एक छोटा सा गांव था। यहां का जीवन बहुत सुखद था, सिर्फ़ एक समस्या थी। बारिश न होने पर इस गांव में पानी नहीं रहता था। गांव वाले इस समस्या से हमेशा के लिए मुक्ति पाना चाहते थे। इसलिए गांव के बुज़ुर्गों ने गांव में नियमित रूप से पानी उपलब्ध कराने के लिए निविदाएं मंगाईं। दो लोग इस काम को करने के लिए स्वेच्छा से आगे आए और गांव के बुज़ुर्गों ने उन दोनों को ही इसका ठेका दे दिया। उन्हें लगा कि थोड़ी प्रतियोगिता (Contest) यानि कि मुक़ाबला होने पर की़मतें कम रहेंगी और पानी की आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था भी बनी रहेगी।इन दोनों सफल ठेकेदारों में से एक का नाम एड था। जैसे ही उसे ठेका मिला, वह तत्काल बाहर भागा। उसने स्टील की दो बड़ी बाल्टियां ख़रीदीं और एक मील दूर स्थित झील की पगडंडी पर भागता हुआ गया। वह तत्काल पैसे कमाने लगा, क्योंकि सुबह से शाम तक वह झील से बाल्टियां भरता था और उन्हें गांव में बने सीमेंट के बड़े टैंक में खाली करता था। हर सुबह वह गांव वालों के उठने से पहले उठ जाता था, ताकि गांव वालों को सुबह-सुबह प्रर्याप्त (ज़रुरत के मुताबिक़) पानी मिल सके। यह बहुत मेहनत वाला काम था। बहरहाल वह ख़ुश था, क्योंकि वह पैसे कमा रहा था। उसे गर्व था कि वह इस बिज़नेस के दो सफल ठेकेदारों में से एक था।

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दुसरा ठेकेदार बिल कुछ समय के लिए गा़यब हो गया था। वह महीनों तक नज़र नहीं आया, जिस से पहला ठेकेदार एड बहुत ख़ुश हुआ। क्योंकि अब बिज़नेस में उसका प्रतियोगी (मुक़ाबला) करने वाला कोई नहीं था। सारा पैसा अकेले एड ही कमा रहा था।
एड का साथी यानि कि दुसरा ठेकेदार बिल उसके साथ प्रतियोगिता करने के लिए दो बाल्टियां ख़रीदने के बजाय बिल ने बिज़नेस की योजना बनाई, कॉरपोरेशन बनाया, चार निवेशकों (investor) को तैयार किया, एक प्रेसिडेंट को नौकरी पर रखा और छः महीने के बाद वह निर्माण दल के साथ गांव लौटा। एक साल में उसकी टीम ने स्टेनलेस स्टील की एक मोटी पाइपलाइन बिछाकर गांव को झील से जोड़ दिया।
भव्य उद्घाटन समारोह में बिल ने घोषणा (ऐलान) की कि वह एड के पानी से ज़्यादा साफ़ पानी उपलब्ध कराएगा। दुसरा ठेकेदार यानि कि बिल यह बात जानता था कि गांव वाले एड के पानी में गंदगी की शिकायतें कर रहे थे। बिल ने यह भी घोषणा की कि वह गांव वालों को हफ़्ते में सातों दिन और चौबीस घंटे पानी उपलब्ध कराएगा। एड सिर्फ़ सोमवार से शुक्रवार तक ही पानी पहुंचाता था... वह छुट्टियों में काम नहीं करता था। बिल ने घोषणा की कि वह पानी की ज़्यादा अच्छी क्वालिटी और अधिक विश्वसनीय स्रोत के बावजूद एड से 75 प्रतिशत कम क़ीमत लेगा। गांव वालों ने तालियां बजाईं और बिल की पाइपलाइन से कनेक्शन लेने के लिए दौड़ पड़े।
प्रतियोगिता में बने रहने के लिए एड ने भी तत्काल अपने पानी की क़ीमत 75 प्रतिशत कम कर दी। उसने दो नई बाल्टियां ख़रीद लीं। अब वह हर चक्कर में चार बाल्टियां लाने लगा। बेहतर सेवा देने के लिए उसने अपने दो पुत्रों को भी अपने साथ काम पर लगा लिया, ताकि वे उसकी नाइट शिफ्ट और छुट्टियों में उसकी मदद कर सकें। जब एड के लड़के कॉलेज गए, तो उसने कहा,


जल्दी आना, क्योंकि किसी दिन यह बिज़नेस तुम्हारा होगा



न जाने क्यों कॉलेज पूरा करने के बाद उसके दोनों पुत्र वापस नहीं लौटे।

आख़िरकार, एड को कर्मचारियों और यूनियन की समस्याओं का सामना करना पड़ा। यूनियन ज़्यादा मज़दूरी और बेहतर सुविधाओं की मांग कर रही थी और चाहती थी कि इसके सदस्य एक बार में सिर्फ़ एक बाल्टी पानी ही ढोएं।

दूसरी तरफ़ बिल ने सोचा कि इस गांव की तरह ही दूसरे गांवों में भी पानी की ज़रूरत होगी। उसने बिज़नेस की एक और योजना बनाई। इसके बाद वह तीव्र गति,  अधिक पानी, कम लागत और साफ़ पानी के अपने डिलिवरी सिस्टम को बेचने के लिए दुनिया भर के गांवों में गया। वह हर बाल्टी पानी पर सिर्फ़ एक पेनी कमाता था, परंतु वह हर दिन अरबों बाल्टी पानी पहुंचाता था। चाहे वह काम करे या न करे, अरबों लोग अरबों बाल्टी पानी का उपयोग करते थे और सारा धन उसके बैंक खाते में जमा होता रहता था। बिल ने एक ऐसा पाइपलाइन बना ली थी, जिससे उसके पास पैसा आता था और गांव वालों के पास पानी।

बिल हमेशा सुख से रहा । दूसरी तरफ़ एड जिंदगी भर कड़ी मेहनत करता रहा और आर्थिक समस्याओं से जूझता रहा। कहानी ख़त्म।"
उम्मीद करता हूं कि इस कहानी के माध्यम से आपने एक्टिव इनकम और पैसिव इनकम को समझ लिया है।


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